श्रीमती वसुंधरा राजे की नेतृत्व वाली राजस्थान सरकार की तरफ से ई-मित्र में आए बदलाव से हुई सेवा-निवृत्ति से जुड़ी मुश्किलें हल

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मार्च, 2013 के महीने में सेवा-निवृत्त हो गया था| सरकारी दांव-पेंचों से बचने के लिए पेंशन के लिए सत्यापन नहीं करवाया| बेटा कमाता था तो ज़्यादा हाथ-पैर नहीं मारे|

कुछ महीनों बाद बेटे के साथ एक हादसा हो गया और उसने अपना एक पैर खो दिया| सोचकर ठगा सा रह गया कि परिवार का भरण-पोषण कैसे होगा| दो बेटियों का ब्याह कर दिया था और इकलौता बेटा अब कमा नहीं पायेगा|

सारी ज़िम्मेदारी मेरे ऊपर आ गयी थी|

सरकारी पेंशन का सहारा तो था पर आधार कार्ड से उसकी सीडिंग और सत्यापन कराना आसान नहीं था| उम्र के उस पड़ाव में बांसवाड़ा की तेज़ धूप में ज़्यादा देर तक मैं खड़ा भी नहीं रह सकता था|

फिर में एक दोस्त ने बताया कि राज्य सरकार ने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा प्रदत्त विभिन्न पेंशनधारियों के हर वर्ष अपना भौतिक सत्यापन शत-प्रतिशत करवाने के लिए समस्त ई-मित्र केन्द्रों के माध्यम से सत्यापन व सीडिंग कार्य करवाने का प्रावधान किया है| मेरे दोस्त ने कहा कि मुझे इस बारे में और पता करना चाहिए|

पता करने पर जाना कि उक्त पेंशनरों को ई-मित्र केन्द्रों पर अपने पेंशन भुगतान आदेश (पी.पी.ओ.) या पुरानी पेंशन मनिऑर्डर की पर्ची, आधार कार्ड अथवा आधार उपलब्ध न हो तो ई.आई.डी. (यथा आधार पंजीकरण पर्ची) अथवा प्रपत्र एक में ग्राम सरपंच, क्षेत्रीय विधायक, नगर निकाय अध्यक्ष, सभापति द्वारा उनके लेटरहैड पर प्रमाण पत्र, भामाशाह कार्ड अथवा उक्त कार्ड उपलब्ध न होने की दशा में भामाशाह पंजीयन पर्ची, पेंशनर के नाम खुले सी.बी.एस. आधारित बैंक खाते की पासबुक, बैक स्टेटमेन्ट, चैक की कॉपी, मोबाइल नम्बर जिस पर पेंशनर हर माह एस.एम.एस. के द्वारा पेंशन भुगतान की सूचना चाहते हैं, संबंधी जानकारी देनी होगी।

इसके साथ ही ई-मित्र ऑपरेटर आरएजेएसएसपी, एनआईसी.इन वेबसाईट पर आधार नम्बर फिंगर प्रिन्ट के द्वारा लॉग-इन करेगा व पेंशनर के पीपीओ नम्बर द्वारा सर्च करेगा व आधार/ई.आई.डी. एवं प्रपत्र एक के निर्धारित प्रपत्र उक्त जानकारी वाले प्राप्त प्रमाण पत्र कर स्कैन कर अपलोड करेगा। यदि पूर्व में पेंशनर की सूचना वैबसाइट पर अंकित है तो ऑपरेटर उनका मिलान पेंशनर द्वारा लाए गए दस्तावेजों से कर यदि आवश्यक हो तो वैबसाइट पर करेक्शन कर सकेगा। यदि पेंशनरों के पास आधार नम्बर है तो उसका भौतिक सत्यापन उंगली की छाप के द्वारा (फिंगर प्रिन्ट इम्प्रेशन) होता है और यदि पेंशनर का आधार अभी जारी नहीं हुआ है या वह आधार जारी नहीं करवाना चाहता है, तो उसका भौतिक सत्यापन ई-मित्र केन्द्र के कम्प्यूटर के साथ जुड़े कैमरे से फोटो खींच कर होता है। जब इस पेंशनर का आधार जारी हो जाता है, तो वह पुनः ई-मित्र केंद्र जाकर बायोमेट्रिक ऑथराइज़ेशन बिना किसी चार्ज के करवा सकता है।
इसके अलावा कम्प्यूटर आवेदन में दिए अनुसार पेंशनर की वर्तमान पात्रता की जांच हेतु ई-मित्र ऑपरेटर पेंशनर से कुछ प्रश्न भी पूछता है, जिससे पेंशन की पात्रता जारी रहे|

मैं उपरोक्त उपाय से ई-मित्र कियोस्क गया और भौतिक सत्यापन और सीडिंग के लिए आवेदन दिया|

जनवरी, 2014 बस शुरू ही हुआ था और यदि उस सर्दी में पेंशन के दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते तो बेसमय मैं भी बिस्तर पकड़ लेता| पर ई-मित्र ने राहत दी|

वे दिन थे और आज है| मुझे पेंशन समय मिल जाती है| वसुंधरा राजे की नेतृत्व वाली राजस्थान सरकार की तरफ से ई-मित्र में जो बदलाव आये हैं, वे सचमुच हमारे जीवन में एक वरदान साबित हुए|

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