भामाशाह योजना : राजस्थान की बदलती तस्वीर

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राजस्थान प्रदेश के बुज़ुर्ग लोग अब इस बात से पूर्णत: आश्वस्त है की हर महीने की पहली तारीख को उनकी पेंशन उनके बैंक खातों में जमा कर दी जाती है। अब राजस्थान के लोगों  को समय पर पेंशन प्राप्त होने का मैसेज उनके मोबाइल पर भी प्राप्त होगा। और बाद में वे किसी नज़दीकी ई-मित्र केंद्र पर  जाकर अपने रुपे डेबिट कार्ड को स्वाइप करके आसानी से अपने बैंक खाते से अपना पैसा निकाल सकते है।  

अब राजस्थान के प्रत्येक गाँव और शहर का यही द्रश्य है। भामाशाह योजना ने राजस्थान की तस्वीर बदल दी है, महिला सशक्तिकरण ,आर्थिक समावेश और डीबीटी ट्रांज़ेक्शन  इन तीन मुख्य उददेश्यों को ध्यान में रखते हुए इस योजना को मूर्त रूप दिया गया। भामाशाह योजना देश में सेवाओं के वितरण का एक अद्वितीय मंच है।  इस मंच के मुख्य बिंदु की अगर हम बात करें तो वो है इसका मजबूत भामाशाह डेटाबेस जिसमें  सरकारी लाभ प्राप्त करने वाले व्यक्ति और परिवार की सम्पूर्ण जानकारी है। पहचान के प्रमाण के लिए आधार बायोमेट्रिक डेटाबेस का समावेश भी इसमें किया गया है।

कूकस  से पतासी देवी कहती है “पहले मेरी पेंशन टुकड़ो में प्राप्त होती थी लेकिन जब से मेरा नामांकन भामाशाह में हुआ है मेरी पेंशन सीधे मेरे खाते में आती है और मैं आज अपने परिवार की मुखिया हूँ। “

भामाशाह योजना ने राजस्थान में महिला सशक्तिकरण को मज़बूती प्रदान की है। इस योजना ने आज प्रत्येक परिवार को एक इकाई और घर की महिला को परिवार की मुखिया के रूप में पहचान दी है। भामाशाह योजना के अन्तर्गत जो कार्ड बनाया जाता है वो परिवार की महिला के नाम से अधिकृत होता है। योजना के अन्तर्गत दिए जाने वाले सभी लाभ उसके बैंक खाते में ट्रान्सफर  कर दिए जाते है। महिला का नाम बैंक खाते में दर्ज करवाकर उसे पूर्ण रूप से सशक्त बनाने में राजस्थान देश का एकमात्र राज्य बन गया है।

सम्माननीय मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे द्वारा साल 2008 में शुरू की गई इस योजना ने आज पूर्ण रूप ले लिया है। 2014 में जब वे पुनः सत्ता में आई तो उनका एक ही लक्ष्य था की आर्थिक समावेश को भी इस योजना में शामिल किया जाये।

लगभग 5 करोड़ से अधिक निवासी और 1.42 करोड़ से अधिक परिवारों का नामांकन भामाशाह योजना में किया जा चुका है, ये आंकड़े लगातार बढ़ते ही जा रहे है। अब तक 1 करोड़ 30 लाख रुपे डेबिट कार्ड जारी किये जा चुके है और 22 करोड़ से अधिक के डीबीटी ट्रांज़ेक्शन अब तक हो चुके है।

  • भामाशाह पंजीकरण में परिवार से जुड़ी सम्पूर्ण जानकारी भामाशाह डेटाबेस में जोड़ी गई है।
  • सरकारी योजना से जुड़ी  सम्पूर्ण जानकारी,जिसका लाभ परिवार के सदस्य को मिलेगा जैसे (पेंशन और नरेगा जॉब कार्ड न.) को भी भामाशाह कार्ड में जोड़ा गया है।
  • लाभार्थी के बैंक खाते को भामाशाह कार्ड से जोड़ा गया है ताकि, पेंशन, नरेगा, छात्रवृत्ति और जननी सुरक्षा जैसी सरकारी योजनाओं के लाभ एक संयुक्त भामाशाह मंच के माध्यम से सीधे उनके खाते में जमा किये जा सके।
  • घर के नजदीक ही किसी बैंक से आसानी से ये रकम निकाली जा सके इसके लिए 23,000 से अधिक बैंकिंग पे पॉइंट(माइक्रो एटीएम के साथ) स्थापित किये गए है और भी 15,000 पे पॉइंट गाँवो में स्थापित किये जायेंगे।

राजस्थान सरकार ने अब ये निश्चय किया है कि असल लाभार्थी को ही लाभ प्रदान करें और साथ ही 6.86   करोड़ नागरिकों को अपनी उत्कृष्ट सेवाएं दें।

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