न्याय आपके द्वार: समस्या का त्वरित समाधान

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“न्याय आपके द्वार” यह एक ऐसा अभियान है जिसकी शुरुआत राजस्थान सरकार द्वारा राजस्व संबंधी परिवादो के तुरंत निस्तारण के लिए की गई । चूंकि राजस्थान एक कृषि प्रधान राज्य है इसलिए किसानों एवं ग्रामीणों की राजस्व, अपने स्वामित्व, खातेदारी अधिकार तथा उत्तराधिकार के झगड़ों जैसी समस्याओं के समाधान के लिए मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे जी के नेतृत्व में वर्ष 2015 में प्रत्येक वर्ष ग्रीष्म ऋतु में “राजस्व लोक अदालत अभियान – न्याय आपके द्वार” कार्यक्रम के संचालन की घोषणा की गई है।

सरकार की पहुँच अब हर गाँव में

राजस्व लोक अदालतों के ज़रिये लाखों लम्बित राजस्व मामलों का निपटारा ग्राम पंचायत मुख्यालय पर किये जाने से आम व्यक्ति को राहत मिली है। न्याय आपके द्वार अभियान के अन्तर्गत “राजस्थान काश्तकार अधिनियम” के तहत दायर मुकदमों के अन्तर्गत लम्बित अपीलों, लम्बित राजस्व वादों, विभाजन, गैर खातेदारी से खातेदारी,राजस्व अभिलेखों में लिपिकीय त्रुटियों का शुद्धिकरण, नए राजस्व ग्रामों के लिए नॉर्म्स के अनुसार प्रस्ताव तैयार करना, ग्राम पंचायत की राजस्व सम्बन्धी शिकायतों का चिन्हीकरण,अभियान के दौरान निपटाये जाते हैं।

न्याय प्रणाली से जुड़े लोग एक ही जगह मौजूद

इन शिविरों की विशेषता है कि इनमें तहसीलदार, पटवारी, सरपंच व भू-प्रबंधन से जुड़े लोग एक ही जगह मौजूद होते है जिससे किसी भी स्तर पर आवश्यक दस्तावेज़ शिविर में ही उपलब्ध हो जाते है। हर चरण की सुनवाई भी वहीं हो जाती है।

योजना की सफलता

न्याय आपके द्वार के पहले चरण में वर्ष 2015 में 16 हज़ार शिविरों में 21 लाख 43 हज़ार से अधिक राजस्व मामलों का निस्तारण किया गया एवं 164 ग्राम पचायतों को राजस्व वाद से मुक्त किया गया।न्याय आपके द्वार अभियान का द्वितीय चरण 9 मई, 2016 से आरंभ किया गया जिसके अन्तर्गत राज्य भर में12 हज़ार 387 शिविर लगाये गये जिसमें 48 लाख 46 हज़ार 54 मामलों का निस्तारण कर 431 ग्राम  पंचायतों को राजस्व वाद से मुक्त घोषित किया गया। इस प्रकार कुल 523 ग्राम पंचायत (72 ग्राम पंचायत वर्ष 2015 एवं 2016 में कॉमन रहीं) राजस्व वाद से पूर्णतः मुक्त हो गयी है।

पिछले दो वर्षों में कुल 69.89 लाख राजस्व प्रकरणों का सफलतापूर्वक निस्तारण कर लाखों लोगों को राहत प्रदान की गई। राज्य सरकार के इस अभियान ने लाखों परिवारों को आपसी समझाइश कर न्याय दिलवाया, उनके जीवन में खुशहाली लौटा दी एवं सामाजिक सौहार्द का पैगाम भी दिया है।

राजस्थान सरकार ने योजना की सफलता को देखते हुए राजस्व लोक अदालत कैम्प्स् हर साल तब तक आयोजित करने का निर्णय लिया है जब तक राजस्व अदालतों में लम्बित मामले समाप्त नहीं हो जाते।

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